ट्रेडिंग में तकनीकी विश्लेषण(Technical Analysis) का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है क्योंकि टेक्निकल एनालिसिस की सहायता के बिना स्टॉक या इंडेक्स का विश्लेषण नहीं किया जा सकता हैं, इसलिए इस लेख में, हम सीखेंगे कि तकनीकी विश्लेषण क्या है(What is Technical Analysis in Hindi), तकनीकी विश्लेषण के पीछे का विज्ञान क्या है, तकनीकी विश्लेषण की धारणा, तकनीकी विश्लेषण के कौन –कौन से टूल उपयोग होते है, और तकनीकी विश्लेषण का महत्व। तो चलो What is Technical Analysis in Hindi लेख को शुरू करें…।

 

What is Technical Analysis in Hindi

तकनीकी विश्लेषण(Technical Analysis) ट्रेडर्स द्वारा पिछली ट्रेडिंग गतिविधि का विश्लेषण करके शेयरों के भविष्य के प्राइस मूवमेंट की भविष्यवाणी करने के लिए उपयोग की जाने वाली एक विधि है। तकनीकी विश्लेषकों विभिन्न प्रकार के चार्ट पर हो सकता है जिनमें कैंडलिस्टिक चार्ट, लाईन चार्ट और वार चार्ट आदि शामिल है।

फंडामेंटल विश्लेषण का मानना है कि स्टॉक का बाजार मूल्य हमेशा स्टॉक के सही मूल्य से मेल नहीं खा सकता है। नतीजतन, फंडामेंटल विश्लेषक स्टॉक के आंतरिक मूल्य की गणना करने और कम मूल्यांकन वाले शेयरों में निवेश करके लाभ की गणना करने का प्रयास करते हैं।

दूसरी ओर, तकनीकी विश्लेषकों का मानना ​​है कि स्टॉक के मूल्य के मूलभूत तत्व पहले से ही स्टॉक प्राइस में दर्शाए गए हैं। इसके अलावा, उनका मानना ​​है कि स्टॉक की कीमतें समय के साथ पहचाने जाने योग्य पेटर्न में चलती हैं।

नतीजतन, वे स्टॉक के पिछले मूल्य पैटर्न का मूल्यांकन करते हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि भविष्य में स्टॉक की कीमत कैसे हो सकती है।

तकनीकी विश्लेषण एक अवधारणा है जिसका उपयोग किसी भी स्टॉक या इंडेक्स में लाभ के अवसरों की पहचान करने के लिए किया जा सकता है।

 

तकनीकी विश्लेषण के पीछे मनोविज्ञान

अब जब आप जानते हैं कि तकनीकी विश्लेषण क्या है(What is Technical Analysis in Hindi), आइए तकनीकी विश्लेषण के पीछे मनोविज्ञान को समझे।

तकनीकी विश्लेषण बहुत प्रभावी है क्योंकि लोग हमेशा एक ही व्यवहार का पालन करते हैं और लोग अक्सर अपने ट्रेडिंग निर्णय भावनाओं द्वारा लेते हैं। ज्यादातर लोगों को पहले से ही पता होगा कि ट्रेडिंग करते समय भावनाएं बहुत हानिकारक होती हैं। लेकिन ट्रेडिंग करते समय कुछ ही लोग भावनाओं को नियंत्रित करते हैं। शेयर मार्केट में ज्यादातर लोग उम्मीदों के आधार पर ट्रेडिंग करते है न कि तथ्यों के आधार पर।

यह इंगित करता है कि मनुष्य का माइंडसेट और सामान्य सोच पैटर्न शेयर बाजारों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं।

शेयर मार्केट में ट्रेडर के सबसे बडे दुश्मन है लालच, भय, अनिश्चितता, आशा और उम्मीद है ये एक ट्रेडर को गलत निर्णय लेने में बहुत बडी भूमिका निभाती है।

जब हम एक वार चार्ट को समझना सीख जाते हैं, तो हम किसी भी प्राइस चार्ट को, किसी भी बाजार में, और किसी भी देश में इसका उपयोग कर सकते है।

एक और महत्वपूर्ण कारण है कि तकनीकी विश्लेषण इतना प्रभावी क्यों है, चूंकि बहुत से लोग तकनीकी विश्लेषण की अवधारणाओं का पालन करते हैं और उनके द्वारा समर्थित निर्णय लेते हैं, वे इस तथ्य को सत्यापित करते हैं कि तकनीकी इंडीकेटर और अन्य अवधारणाएं सिर्फ इसलिए काम करती हैं क्योंकि वे व्यापक हैं। शेयर मार्केट लोगो की भावनाओं पर चलता है और सभी ने Technical Analysis एक जैसे ही सीखा है इसी कारण ट्रेडर्स ट्रेडिंग में Support and Resistance लेवल बनते है।

 

तकनीकी विश्लेषण(Technical Analysis) की धारणा

अब जब आप जानते हैं कि तकनीकी विश्लेषण(Technical Analysis )क्या है और तकनीकी विश्लेषण के पीछे का मनोविज्ञान क्या है। आइए तकनीकी विश्लेषण की विभिन्न मान्यताओं को देखें।

 

# 1: शेयर बाजार हमेशा डिशकाउंट पर खरीदने का मौका देता है।

तकनीकी विश्लेषकों का मानना ​​है कि शेयर बाजार हर एक शेयर को डिशकाउंट पर देता है, वशर्ते आप सही समय पर शेयर खरीदे। शेयर बाजार हमेशा डिशकाउंट पर खरीदने का मौका देता है, इस वात से हमारा मतलव है कि मार्केट कभी भी एक दिशा में नही चलता है, बह कभी अप ट्रेंड में, कभी डाउन ट्रेड में या साइड्वेज रहता है। इस लिए कहा जाता है कि अगर आप लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते है तो सही प्राइस लेवल का इंतजार करे। कभी भी मार्केट के टॉप पर जाकर खरीददारी न करे, जब बो स्टॉक नीचे आ जाए बह समय होता है शेयर को खरीदने का।

 

#2: शेयर मार्केट प्राइस ट्रेंड में चलती है।

तकनीकी विश्लेषकों का मानना ​​है कि बाजार प्राइस ट्रेंड में चलता है। लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है क्योंकि ज्यादातर समय शेयर बाजार साइडवेज रहता है। कुछ तकनीकी ट्रेडर्स रणनीतियों ने इस धारणा का समर्थन किया है। ऑप्शन ट्रेडिंग ही एकमात्र ऐसा तरीका है जिसमें आप साइड्वेज मार्केट में भी पैसा बना सकते है।

 

#3: इतिहास खुद को दोहराता है

इतिहास खुद को दोहराता है, ये हमें कही वार फिल्मों में भी सुनने को मिलता है। तकनीकी विश्लेषकों का मानना ​​है कि इतिहास खुद को दोहराने की प्रवृत्ति रखता है। शेयर मार्केट में सबसे ज्यादा भावनाओं का रोल होता है क्योंकि अधिकतर लोग अपनी भाबनाओं में आकर अपने ट्रेडिग निर्णय लेते है, नतीजतन उन्हे नुक्सान का सामना करना पडता है।

तकनीकी विश्लेषण(Technical Analysis) से प्राइस मूवमेंट को जानने के लिए इन भावनाओं और ट्रेंड पर शोध करने के लिए चार्ट पैटर्न का उपयोग किया जाता है। जबकि कई प्रकार के तकनीकी विश्लेषण पिछ्ले 100 वर्षों से उपयोग किए जाते हैं, फिर भी उन्हें प्रासंगिक माना जाता है क्योंकि वे प्राइस मूवमेंट में पैटर्न का वर्णन करते हैं जो अक्सर खुद को दोहराते हैं।

 

 

तकनीकी विश्लेषण(Technical Analysis) के टूल

अब जब आप जानते हैं कि तकनीकी विश्लेषण(Technical Analysis) क्या है, तो आइए इसमें उपयोग किए जाने वाले विभिन्न टूल्स को देखें:

 

#1 चार्ट

कैंडल्स्टिक चार्ट सबसे व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले तकनीकी विश्लेषण टूल्स में से एक है जिसका उपयोग शेयर बाजार का विश्लेषण करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा मार्केट में बार चार्ट, रेन्को चार्ट और लाइन चार्ट का भी उपयोग किया जाता है। चार्ट ही बह जगह है जहां एक ट्रेडर अपनी पूरी टेक्नीकल एनालिसिस कर अपने ट्रेडिंग निर्णय लेता है।

What is Technical Analysis in Hindi

 

आप ऊपर दिए गए फोटो में देख सकते है जिसमें ट्रेडिंग में उपयोग होने बाले चार चार्टो को लगाया है जिनमें कैंड्लिस्टिक चार्ट, वार चार्ट, लाइन चार्ट और रेनको चार्ट शामिल है।

 

#2 इंडीकेटर

इंडीकेटर ज्यादातर नये ट्रेडर्स द्वारा उपयोग किए जाते हैं। शेयर बाजार में बहुत से इंडीकेटर उपलब्ध हैं। कुछ लेगिंग इंडीकेटर और कुछ लिडिंग इंडीकेटर हैं जैसे – स्टोकेस्टिक इंडिकेटर, फिबोनैचि सीरीज, एमएसीडी हिस्टोग्राम, आरएसआई, ईएमए, एमए इत्यादि।

What is Technical Analysis in Hindi

 

आप ऊपर दिए गए फोटो में देख सकते है, यहां हमने ट्रेडिंग में उपयोग होने बाले दो इंडीकेटर को लगाया है जिनमें आरएसआई और बोलिंजर बैण्ड शामिल है। इसकी सहायता से आप समझ गए होंगे कि इंडीकेटर क्या होते है।

 

#3 प्राइस एक्शन टेक्निक

ट्रेडिंग में प्राइस प्राइस एक्शन टेक्निक का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। जिसमें प्राइस एक्शन का अर्थ है प्राइस + एक्शन। प्राइस एक्शन टेक्नीक ट्रेडर्स केवल सपोर्ट एंड रेसिस्टेंस, ट्रेंड लाइन, डिमांड एंड सप्लाई ज़ोन आदि की कीमत और वॉल्यूम पर ध्यान केंद्रित करते हैं। प्राइस एक्शन ट्रेडर ट्रेडिंग में किसी भी इंडीकेटर का उपयोग उपयोग नहीं करते है।

What is Technical Analysis in Hindi

 

आप ऊपर दिए गए फोटो में देख सकते है, हमने यहां पर किसी भी इंडीकेटर का उपयोग नही है इसलिए ये प्राइस एक्शन टेक्निक के अंदर आता है।

 

तकनीकी विश्लेषण(Technical Analysis) का महत्व

ट्रेडर्स के लिए तकनीकी विश्लेषण बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि वे पैसा बनाने के लिए बाजार में अल्पकालिक अवसर ढूंढते हैं। तकनीकी विश्लेषण बाजार की भावना, वर्तमान रुझान, चार्ट, इंडीकेटर्स और कई अन्य चीजों के विश्लेषण के लिए विभिन्न उपकरण प्रदान करता है। आप बिना तकनीकी विश्लेषण के ट्रेडिंग में पैसा नहीं कमा सकते हैं। इस लिए अगर आपने ट्रेडर बनने का निश्चय किया है तो Technical Analysis अच्छे से सीखना होगा।

 

तकनीकी विश्लेषण(Technical Analysis) के लाभ और नुकसान

तकनीकी विश्लेषण के लाभ

शेयर बाजार में प्राइस मूवमेंट के संकेतों की पहचान करने में सक्षम होना किसी भी ट्रेडिंग स्ट्रेटजी का एक प्रमुख हिस्सा है। सभी ट्रेडर्स को एक बाजार में सबसे सही प्रवेश और निकास प्राइस पॉइंट का पता लगाने के लिए एक कार्यप्रणाली पर काम करने की आवश्यकता होती है, और तकनीकी विश्लेषण का उपयोग करना एक बहुत ही लोकप्रिय और आसान तरीका है।

वास्तव में, तकनीकी विश्लेषण टूल इतने सामान्य रूप से उपयोग किए जाते हैं, कि बहुत से लोग मानते हैं कि उन्होंने स्वंय के ट्रेडिंग नियम बनाए हैं: जैसे-जैसे समय के साथ ट्रेडर को ट्रेडिंग का अनुभव होता है वैसे – वैसे वह मार्केट को तकनीकी विश्लेषण की सहायता से वेहतर समझने लगता है।

एक ट्रेडर की यात्रा को आसान बनाने के लिए तकनीकी विश्लेषण में बहुत सारे टूल दिए गए है जैसे – कैंडलिस्टिक पैटर्न, ट्रेडिंग पैटर्न और इंडीकेटर्स्।

 

तकनीकी विश्लेषण के नुकसान

शेयर मार्केट एक ऐसी जगह है जिसका 100% अनुमान कोई भी नही लगा सकता है। ठीक इसी प्रकार इस बात की कोई निश्चित गारंटी नहीं है कि विश्लेषण का कोई भी रूप – तकनीकी या फंडामेंटल – 100% सटीक होगा। हालांकि ऐतिहासिक मूल्य पैटर्न हमें किसी शेयर या इंडेक्स के संभावित प्राइस का अनुमान लगाने में मदद करते है लेकिन यह भी सफलता का कोई वादा नहीं है।

जैसे हर एक सिक्के के दो पहलु होते है ठीक इसी प्रकार शेयर बाजार का एक पहलु ऐसा है जो आपको करोडपति बना सकता है, बही इसका दूसरा पहला आपको रास्ते पर भी ला सकता है। इसी लिए शेयर मार्केट में हमेशा अपने रिस्क को मैंनेज करके चलना चाहिए।

 

निष्कर्ष

अभी आप समझ ही गए हैं Technical Analysis in Hindi में, तो ये सुनिश्चित करें कि ट्रेडिंग में कूदने से पहले, आपने तकनीकी विश्लेषण सीखा है। क्योंकि तकनीकी विश्लेषण के बिना आप स्टॉक या इंडेक्स का विश्लेषण नहीं कर सकते। यदि आप अपनी ट्रेडिंग यात्रा शुरू करना चाहते हैं, तो पहले स्टॉक मार्केट का बेसिक सीखें फिर टेक्निकल एनालिसिस और टेक्निकल एनालिसिस में आपको हमेशा कैंडलस्टिक्स से शुरुआत करनी चाहिए।