हम में से बहुत से लोग सेंसेक्स शब्द से परिचित होंगे और हम समाचारों आदि में सुनते रहते है कि बाजार में गिरावट, सेंसेक्स में आज 500 अंक की तेजी आदि जैसे मुहावरे आमतौर पर सुनने को मिलते हैं। तो आखिर सेंसेक्स का क्या मतलब है(Sensex Meaning in Hindi) और सेंसेक्स में गिरावट या बढ़ोतरी हमें क्या दर्शाते हैं?

यहां, हम Sensex Meaning in Hindi लेख की जरिए नए निवेशकों या ट्रेडर्स के लिए सेंसेक्स के रहस्यों को उजागर करेंगे और सरल शब्दों में समझाएंगे कि सेंसेक्स का क्या मतलब है, सेंसेक्स की गणना कैसे की जाती है और सेंसेक्स में निवेश कैसे करे? 

 

सेंसेक्स क्या है?

शेयर मार्केट विश्लेषक श्री दीपक मोहोनी ने सेंसेक्स शब्द की शुरुआत की थी। सेंसेक्स का पूरा नाम सेंसिटिव इंडेक्स है जो बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) द्वारा बनाया गया है।

सेंसेक्स बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में सूचीबद्ध 30 चयनित कंपनियों के शेयरों को मिलाकर बनाया गया एक इंडेक्स है। ये स्टॉक भारत की सबसे बड़ी और सबसे अधिक सक्रिय रूप से ट्रेड करने वाले स्टॉक हैं। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) समयनुसार इन 30 शेयरों की इस सूची को संशोधित कर सकता है।

अगर सेंसेक्स ऊपर जाता है, तो निवेशक स्टॉक्स को खरीदना पसंद करते हैं क्योंकि यह एक संकेत है कि अर्थव्यवस्था बढ़ रही है। दूसरी ओर, यदि सेंसेक्स गिर रहा है, तो निवेशक आर्थिक भविष्य में विश्वास की कमी के कारण निवेश करना कम कर देते है और अपनी होल्डिंग को बेचना शुरू कर देते है। 

सेंसेक्स भारत की अर्थव्यवस्था और देश के शेयर बाजार के रुझान आदि को ट्रैक करता हैं।

सेंसेक्स से जुड़े कुछ तथ्य:

  • सेंसेक्स का पूरा नाम सेंसिटिव इंडेक्स है लेकिन इसे मुख्य रूप से “सेंसेक्स” के नाम से जाना जाता है।
  • 1986 में सेंसेक्स इंडेक्स की शुरुआत हुई फिर सेंसेक्स ने अपनी स्थापना के बाद से अच्छा प्रदर्शन किया है।
  • बीएसई में करीब 6000 शेयर लिस्टेड हैं।
  • इन 6000 शेयरों में से सेंसेक्स इंडेक्स बनाने के लिए 30 शेयरों का चयन किया जाता है। दूसरे शब्दों में, बीएसई का मानना ​​है कि ये 30 स्टॉक अपने संबंधित क्षेत्रों में सबसे अच्छे और सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले हैं।

अभी आप Sensex Meaning in Hindi लेख में सेंसेक्स क्या है? समझ गए है, अभी हम सेंसेक्स के अन्य पहलुओं को समझते है.. 

 

सेंसेक्स के 30 स्टॉक्स का चयन कैसे किया जाता है?

सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों के चयन के लिए कुछ प्राथमिक मानदंड हैं:

  • स्टॉक बीएसई एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होना चाहिए। 
  • स्टॉक लार्ज या मेगा-कैप होना चाहिए। 
  • कंपनी की मार्केट कैपिटलाइजेशन, सेंसेक्स की मार्केट कैपिटलाइजेशन का कम से कम 0.5% होनी चाहिए। 
  • लिक्विड स्टॉक होना चाहिए, जिसे आसानी से खरीदा या बेचा जा सके। 
  • पिछले एक बर्ष के दौरान स्टॉक की ट्रेडिंग फ्रीक्वेंसी 100% होनी चाहिए।
  • बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड जितनी भी कंपनियां है, उनमे से एवरेज डेली ट्रेड्स & टर्नओवर के मामले में टॉप 150 कंपनियों में होनी चाहिए। 
  • कंपनी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर कम से कम पिछले एक साल से लिस्टेड होनी चाहिए। 

 

सेंसेक्स की गणना कैसे की जाती है?

पहले सेंसेक्स की गणना weighted market capitalization method का उपयोग करके की जाती थी। हालांकि, 1 सितंबर, 2003 से, सेंसेक्स की गणना फ्री फ्लोट मार्केट कैपिटलाइज़ेशन मेथड का उपयोग करके की जाती है। इसकी गणना कैसे की जाती है यह समझने के लिए यहाँ प्रमुख चरण दिए गए हैं:

फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटलाइज़ेशन मेथड में पहले इंडेक्स बनाने के लिए 30 कंपनियों का चयन किया जाता है। उसी के लिए यह सूत्र है:

फ्री फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन = मार्केट कैपिटलाइजेशन * फ्री फ्लोट फैक्टर

इस गणना में, कंपनी की मार्केट कैपिटलाइजेशन उसके वर्तमान स्टॉक प्राइस के अनुसार होती है। इसकी गणना इस प्रकार है:

मार्केट कैपिटलाइजेशन = वर्तमान प्रति शेयर प्राइस * कंपनी द्वारा जारी किए गए शेयरों की संख्या

फ्री फ्लोट फैक्टर एक कंपनी द्वारा जारी किए गए कुल शेयरों के प्रतिशत को दर्शाता है और यह शेयर आम जनता के लिए ट्रेड के लिए आसानी से उपलब्ध है। इसमें प्रमोटरों, सरकार आदि को जारी किए गए शेयर जो बाजार में सार्वजनिक रूप से ट्रेड के लिए उपलब्ध नहीं हैं, इस कारक में शामिल नहीं होते हैं।

फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन का निर्धारण करने के बाद, बीएसई सेंसेक्स के मूल्य की गणना नीचे दिए गए सूत्र का उपयोग करके की जाती है:

सेंसेक्स का प्राइस  = (फ्री फ्लोट मार्केट कैपिटलाइज़ेशन / बेस मार्केट कैपिटलाइजेशन) * बेस पीरिएड इंडेक्स वैल्यू 

यहां इस्तेमाल की गई बेस पीरिएड (वर्ष) 1978-79 है और बेस प्राइस 100 इंडेक्स पॉइंट है।

 

सेंसेक्स में कौन – कौन कंपनियां शामिल है? 

Sr. NoCompany NameWeight
1Reliance Industries11.99%
2HDFC Bank11.84%
3Infosys9.06%
4HDFC8.30%
5ICICI BANK7.37%
6TCS5.76%
7KOTAK BANK4.88%
8HINDUNILVR3.75%
9ITC3.49%
10AXISBANK3.35%
11L&T3.13%
12BAJFINANCE2.63%
13SBIN2.59%
14BHARTIARTL2.31%
15ASIAN PAINTS1.97%
16HCL TECH1.89%
17MARUTI1.72%
18M&M1.48%
19ULTRACEMCO1.40%
20SUNPHARMA1.16%
21TECH MAHINDRA1.11%
22TITAN1.11%
23NESTLE INDIA1.07%
24BAJAJ FINSERVE1.04%
25INDUSIND BANK1.03%
26POWERGRID1.03%
27TATA STEEL1.01%
28NTPC0.94%
29BAJAJ AUTO0.86%
30ONGC0.73%

सेंसेक्स और निफ्टी में क्या अंतर है? 

पैरामीटर निफ्टी सेंसेक्स
फुलफॉर्म नेशनल निफ्टी सेंसिटिव इंडेक्स
ओनरशिप नेशनल स्टॉक एक्सचेंज बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज
बेस प्राइस 1000 100
बेस अवधि नवंबर 3, 1995 1978-79
कुल स्टॉक्स 51 30
कुल सेक्टर 24 सेक्टर्स13 सेक्टर्स
फॉरेन एक्सचेंज सिंगापुर स्टॉक एक्सचेंज(SGX) और शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज(SME)EUREX और BRCS नेशन स्टॉक एक्सचेंज
बेस कैपिटल 2.06 TrillionNA

विभिन्न क्षेत्रीय इंडेक्स

कुछ क्षेत्रीय इंडेक्स नीचे दिए गए हैं:

S&P BSE Healthcare: यह इंडेक्स भारत में हेल्थकेयर सेक्टर के समस्त व्यवहार और प्रदर्शन को दर्शाता है।

S&P BSE Telecom: यह इंडेक्स भारत में दूरसंचार क्षेत्र के समस्त व्यवहार और प्रदर्शन का प्रतिनिधित्व करता है।

S&P BSE Auto: यह इंडेक्स भारत में ऑटोमोबाइल / परिवहन उपकरण क्षेत्र के समस्त व्यवहार और प्रदर्शन का प्रतिनिधित्व करता है।

S&P BSE Oil & Gas: यह इंडेक्स भारत में तेल और गैस क्षेत्र के समस्त व्यवहार और प्रदर्शन का प्रतिनिधित्व करता है।

S&P BSE Bankex: यह इंडेक्स भारत में बैंकिंग क्षेत्र के समस्त व्यवहार और प्रदर्शन का प्रतिनिधित्व करता है।

 

सेंसेक्स में निवेश कैसे करें?

जैसा कि आप जान चुके हैं, कि सेंसेक्स में भारत की शीर्ष कंपनियां शामिल हैं और यदि आप सेंसेक्स मे निवेश करते हैं, तो आप इसमें शामिल बेहतरीन कंपनियों के हिस्से के मालिक बन जाते हैं। अब, आपके पास तीन तरीके हैं जिनकी मदद से आप सेंसेक्स में निवेश कर सकते हैं।

 

#1 सेंसेक्स में वेटेज के समान प्रतिशत में स्टॉक खरीदें

आप सीधे सेंसेक्स में शामिल सभी स्टॉक्स में उनके वेटेज के अनुसार निवेश करना शुरू कर सकते हैं इसका मतलब है कि आप सीधे स्टॉक्स को उस मात्रा में खरीद सकते हैं जो सेंसेक्स में स्टॉक के वेटेज के बराबर है।

 

#2 इंडेक्स म्यूचुअल फंड में निवेश करें

सेंसेक्स में निवेश करने का एक अन्य विकल्प इंडेक्स म्यूचुअल फंड में निवेश करना होगा। ये फंड इंडेक्स में शामिल सभी स्टॉक्स में निवेश कर एक पोर्टफोलियो बनाते है। जिसे इंडेक्स फंड के नाम से जाना जाता है।  

 

#3 ETF में निवेश करें

आप एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) के जरिए भी सेंसेक्स में निवेश कर सकते हैं। ये फंड उन शेयरों में निवेश करते हैं जो निफ्टी या सेंसेक्स इत्यादि जैसे इंडेक्स के रिटर्न को प्रतिबिंबित करते हैं। 

म्यूचुअल फंड और ईटीएफ के बीच कुछ ज्यादा अंतर नहीं है, सिर्फ इतना है कि ईटीएफ की कीमतें शेयरों के समान ट्रेडिंग सेशन के दौरान सक्रिय रूप से अपडेट की जाती हैं और इन्हें लाइव मार्केट में खरीदा या बेचा जा सकता है। 

दूसरी ओर, म्युचुअल फंड की कीमतें केवल दिन के अंत में ही अपडेट की जाती हैं और आप दिन के अंत की कीमत के आधार पर ही इसे खरीद या बेच सकते है।

 

निष्कर्ष

सेंसेक्स बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज(BSE) का बेंचमार्क इंडेक्स है। सेंसेक्स भारत की 30 बहुत बड़ी और सबसे सक्रिय रूप से ट्रेड करने वाली कंपनियों को ट्रैक करता है। ये 30 कंपनियां विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से संबधित हैं जो भारतीय आर्थिक रुझान और शेयर बाजार को समस्त रूप से दर्शाती हैं।

सेंसेक्स में विभिन्न इंडेक्स भी होते हैं जो विशेष रूप से विभिन्न उद्योगों को ट्रैक करते हैं।

हमें उम्मीद है कि आपको Sensex Meaning in Hindi लेख से सेंसेक्स के वारे में सभी सबालो के जबाव मिल गए होंगे।