शेयर मार्केट में रूचि रखने वालो को अक्सर निफ्टी शब्द सुनने को मिलता होगा, कि आज निफ्टी ने इतने पॉइंट की उछाल दिखाई है या गिरावट दिखाई है। इस लिए आज के इस Nifty Meaning in Hindi लेख में हम जानेंगे कि निफ्टी क्या है, निफ्टी में कौन कौन सी कंपनियां हैं, निफ्टी में निवेश कैसे करें सेंसेक्स & निफ्टी क्या अंतर है?

निफ्टी समस्त भारतीय शेयर मार्केट और भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन को दर्शाता है, जैसे निफ्टी अगर वुलिश है। तो मानते है कि मार्केट वुलिश है, इसके विपरीत अगर निफ्टी में मंदी है तो माना जाता है कि भारतीय शेयर मार्केट अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा है।  

नए निवेशक और ट्रेडर को निफ्टी के प्रत्येक पहलु से अवगत होना चाहिए, इसलिए आज हम Nifty Meaning in Hindi लेख में निफ्टी क्या है (Nifty Kya Hai) यह समझने से शुरुआत करते है।  

 

निफ्टी क्या है (Nifty Kya Hai)

भारत में निफ्टी एक लोकप्रिय स्टॉक इंडेक्स है। जिसे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया ने इसे पेश किया है। निफ्टी इंडेक्स की स्थापना 1992 में की गयी थी। इसके साथ ही इसका स्वामित्व और प्रबंधन इंडिया इंडेक्स सर्विस एंड प्रोडक्ट्स लिमिटेड (IISL) द्वारा किया जाता है। आईआईएसएल एक भारतीय विशेषीकृत कंपनी है जो अपने फोकस प्रोडक्ट के रूप में निफ्टी इंडेक्स पर ध्यान केंद्रित करती है। इसमें विभिन्न प्रकार के वित्तीय प्रोडक्ट हैं जैसे कि इंडेक्स फंड, इंडेक्स फ्यूचर्स और ऑप्शंस, स्टॉक फ्यूचर्स और ऑप्शंस आदि।

निफ्टी का फुल फॉर्म क्या होता है?

निफ्टी दो शब्दों से मिलकर बना है, “नेशनल स्टॉक एक्सचेंज” और “फिफ्टी”। यह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज एनएसई का संक्षिप्त नाम है। निफ्टी 50 भारतीय शेयर मार्केट की शीर्ष प्रदर्शन करने वाली 50 कम्पनियों के शेयरो को मिलाकर बना  है जिसे निफ्टी 50 इंडेक्स नाम दिया गया है। हालांकि निफ्टी इंडेक्स पर फिलहाल 51 शेयर ट्रेड कर रहे हैं। इसलिए, निफ्टी को निफ्टी 50 या सीएनएक्स निफ्टी के रूप में भी जाना जाता है।

एक इंडेक्स क्या है? 

इंडेक्स भारतीय शेयर बाजार में होने वाले परिवर्तनों का एक माप है। इंडेक्स प्राइस मूवमेंट और शेयर मार्केट के प्रदर्शन को मापता है। एक इंडेक्स को बनाने के लिए, स्टॉक एक्सचेंज कुछ शेयरों को मिलाकर एक इंडेक्स का निर्माण करते है। 

स्टॉक मार्केट में इंडेक्स की प्राइस उन शेयर्स पर निर्भर करती है, जिन शेयरो को मिलाकर वह इंडेक्स बनाया गया है। इसलिए उन स्टॉक के प्राइस में किसी भी बदलाव से स्टॉक इंडेक्स प्राइस में भी बदलाव होता है। यदि अधिकांश शेयरों की कीमत बढ़ती है, तो इंडेक्स भी बढ़ेगा और इसके विपरीत, अगर अधिकांश शेयरों की कीमत घटती है तो इंडेक्स में भी गिरावट आयेगी।  

इस प्रकार हम कह सकते है कि एक इंडेक्स शेयर बाजार में बदलाव का संकेत है। कि यह समग्र शेयर मार्केट में निवेश भावना और प्राइस मूवमेंट को दर्शाता है। 

 

निफ्टी 50 इंडेक्स भारतीय अर्थव्यवस्था के निम्नलिखित क्षेत्रों को कवर करता है।

निफ्टी 50 इंडेक्स ब्लू-चिप कंपनियों के पैटर्न और प्राइस मूवमेंट का अनुसरण करता है। ये भारत में उच्च लिक्विडिटी वाली सबसे बड़ी कंपनियां हैं, जो अलग – अलग उधोग क्षेत्र से संबधित है।  

निफ्टी में अलग-अलग वर्गों, क्षेत्रों या खंडों के आधार पर कई उप-इंडेक्स भी बनाए हैं। जैसे निफ्टी आईटी, निफ्टी नेक्स्ट 50, निफ्टी बैंक, निफ्टी स्मॉल कैप आदि। 

निफ्टी 50 एनएसई का बेंचमार्क इंडेक्स है। यह भारत के दो राष्ट्रीय इंडेक्सो में से एक है और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज एनएसई का एक व्यापक-आधारित इंडेक्स है। इसके साथ ही, एनएसई भारत में एक प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज है और यह भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म भी है। एक अन्य राष्ट्रीय इंडेक्स भी है वह सेंसेक्स है जो बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानि बीएसई का एक प्रोडक्ट है।

अभी तक आप Nifty Meaning in Hindi को समझ गए होंगे, अभी हम निफ्टी के अन्य पहलुओं को समझते है – 

 

कौन सी कंपनियां निफ्टी का हिस्सा हैं?

निफ्टी इंडेक्स का पुनर्गठन हर छह महीने में एक बार होता है। एनएसई शेयरों के पिछले 6 महीने के प्रदर्शन की जांच करता है। इसके साथ ही यह भी जांचता है कि क्या कंपनियां पात्रता मानदंडों को पूरा करती हैं। 

एनएसई इन मानदंडों का पालन करते हुए, इंडेक्स में स्टॉक को हटा देता है या जोड़ता है। इंडेक्स से किसी भी कंपनी के निष्कासन या जोड़ के मामले में, संबंधित कंपनी को पुनर्गठन से चार सप्ताह पहले नोटिस दिया जाता है।

एनएसई द्वारा निफ्टी इंडेक्स को मैनेज करने के लिए पूरी टीम रखी गयी है जो निफ्टी इंडेक्स का प्रबंधन करती है।  यह टीम एक सलाहकार समिति है जो निफ्टी इंडेक्स से संबंधित मुद्दों पर मार्गदर्शन और विशेषज्ञता प्रदान करती है।

निफ्टी इंडेक्स में शामिल होने के लिए कंपनियों के लिए पात्रता मानदंड निम्नलिखित हैं –

  • एक भारतीय कंपनी होनी चाहिए।
  • कंपनी को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में पंजीकृत होना चाहिए। 
  • कंपनी का स्टॉक अत्यधिक लिक्विड होना चाहिए। 
  • पिछले छह महीनों में, कंपनी की ट्रेडिंग फ्रीक्वेंसी 100% होनी चाहिए। 
  • कंपनी के पास एक फ्री-फ्लोटिंग एवरेज मार्केट कैपिटलाइजेशन होना चाहिए। यह इंडेक्स की सबसे छोटी कंपनी से 1.5 गुना ज्यादा होनी चाहिए।
  • जिन कंपनियों के पास डीवीआर या डिफरेंशियल वोटिंग राइट्स हैं, उन कंपनी के शेयर भी निफ्टी 50 इंडेक्स में शामिल होने के लिए योग्य हो सकते हैं।
  • निफ्टी कंपनियों की प्रत्येक तीन महीने में स्क्रीनिंग करता है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे नियमों का पालन कर रही हैं या नहीं।
  • कंपनियों को सेबी द्वारा दिए गए सभी आदेशों का पालन करना चाहिए। अन्यथा, कंपनियों को निफ्टी इंडेक्स से हटा दिया जायेग़ा है।

 

निफ्टी इंडेक्स की गणना कैसे की जाती है?

निफ्टी 50 इंडेक्स की गणना फ्लोट-एडजस्टेड एंड मार्केट कैपिटलाइजेशन मेथड का उपयोग कर की जाती है। यहां, निफ्टी इंडेक्स एक विशिष्ट अवधि के लिए इसमें मौजूद शेयरों के कुल मार्केट वैल्यू को दर्शाता है। निफ्टी इंडेक्स की विशेष बेस अवधि 3 नवंबर 1995 है और शेयरों का बेस प्राइस 1000 है, इसके साथ ही बेस कैपिटल 2.06 ट्रिलियन रुपये है।

पहला चरण :- पहले चरण के दौरान इंडेक्स में शामिल सभी कंपनियों की मार्केट कैपिटलाइजेशन की गणना की जाती है। 

मार्केट कैपिटलाइजेशन = (आउटस्टैंडिंग शेयर) x (वर्तमान शेयर प्राइस)

दूसरा चरण :- दूसरे चरण में मार्केट कैपिटलाइजेशन को Investable Weight Factor (IWF) से गुणा करना शामिल है। IWF एक कारक है जिसका उपयोग मार्केट में ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध शेयरों को निर्धारित करने के लिए किया जाता है। यह केवल उन शेयरों पर विचार करता है जो पब्लिक के लिए ट्रेड करने के लिए उपलब्ध हैं। इसमें कंपनी के प्रमोटरों, सरकार, कर्मचारियों को दिए गए शेयर आदि के शेयर्स शामिल नहीं होते हैं।

फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन = (मार्केट कैपिटलाइजेशन) x (Investable Weight Factor (IWF))

तीसरा चरण:- इस चरण में फ्री फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन को अलग-अलग स्टॉक को दिए गए Weight से गुणा किया जाता है।

इसलिए व्यक्तिगत स्टॉक की गणना इस प्रकार की जाएगी- 

वेटेड फ्री फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन = (मार्केट कैपिटलाइजेशन) x (IWF) x (Weight)

चौथा चरण :- अब हम इंडेक्स के प्राइस पर पहुंचने के लिए वर्तमान मार्केट प्राइस को इसके बेस प्राइस(1995 के आधार पर) से विभाजित करते हैं। वर्तमान मार्केट प्राइस सभी शेयरों के वेटेड फ्री फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन का कुल योग है। 

इंडेक्स वैल्यू = (वर्तमान मार्केट प्राइस /बेस मार्केट कैपिटल) * 1000

 

निफ्टी के प्रमुख माइलस्टोन

निफ्टी 50 के प्रमुख माइलस्टोन निम्नलिखित हैं:

1993: एनएसई को स्टॉक एक्सचेंज के रूप में मान्यता दी गई थी।

1996: निफ्टी 50 इंडेक्स को 1000 रूपये की बेस वैल्यू के साथ लॉन्च किया गया था। यह एनएसई का प्रमुख इंडेक्स है।

2000: आईटी-बूम में बूम आने के कारण निफ्टी 1800 को छू गया।

2006: सेवा क्षेत्र में उछाल के बजह से निफ्टी 3000 तक पहुंच गया था।

2007: निफ्टी 5000 तक पहुंच गया था।  

2014: एनडीए के केंद्र में सरकार बनने के बाद निफ्टी 7,000 तक पहुंच गया था।

2017: स्ट्रांग एफआईआई की भागीदारी के कारण निफ्टी 9,000 को छू गया था।

2017: जीएसटी रोलआउट, अच्छा मानसून और मजबूत कॉर्पोरेट आय के कारण निफ्टी 10,000 तक पहुंच गया था।

2018: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आयी और भारतीय अर्थव्यवस्था पर विश्व बैंक के सकारात्मक अपडेट के कारण निफ्टी ने 11,000 को छुआ।

2021: COVID 19 वैक्सीन रोलआउट की बजह से निफ्टी ने 15,000 का आंकड़ा छुआ था।

 

सेंसेक्स और निफ्टी में अंतर क्या है? 

पैरामीटर निफ्टी सेंसेक्स
फुलफॉर्म नेशनल निफ्टी सेंसिटिव इंडेक्स
ओनरशिप नेशनल स्टॉक एक्सचेंज बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज
बेस प्राइस 1000 100
बेस अवधि नवंबर 3, 1995 1978-79
कुल स्टॉक्स 51 30
कुल सेक्टर 24 सेक्टर्स13 सेक्टर्स
फॉरेन एक्सचेंज सिंगापुर स्टॉक एक्सचेंज(SGX) और शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज(SME)EUREX और BRCS नेशन स्टॉक एक्सचेंज
बेस कैपिटल 2.06 TrillionNA

 

निफ्टी में कौन – कौन सी कंपनियां हैं?

Sr.No.Company NameSectorWeightage
1Reliance IndustriesPetroleum Products11.12%
2InfosysIT8.69%
3HDFC BankBanks8.53%
4ICICI BankBanks7.05%
5HDFC Finance5.84%
6TCSIT5.02%
7Kotak Mahindra BankBanks3.69%
8Larsen and ToubroConstruction2.99%
9Hindustan UnileverConsumer Goods2.65%
10Axis BankBanks2.62%
11ITCConsumer Goods2.58%
12State Bank of IndiaBanks2.53%
13Bharti Airtel Telecom - Services2.22%
14Asian PaintsPaints1.96%
15HCL TechnologiesIT1.67%
16Maruti Suzuki IndiaAuto1.51%
17Titan CompanyLifestyle1.45%
18Tata Steel Steel Product1.33%
19Bajaj FinservFinance1.32%
20Sun PharmaceuticalPharmaceuticals1.25%
21Tech MahindraIT1.19%
22Hindalco IndustriesMetals1.14%
23WiproIT1.13%
24Tata MotorsAuto1.12%
25UltraTech CementCement Products1.04%
26Mahindra & MahindraAuto1.03%
27Power Grid CorporationPower0.97%
28NTPCPower0.87%
29JSW SteelSteel Product0.85%
30Nestle IndiaConsumer Goods0.84%
31Grasim IndustriesCement Products0.82%
32Indusind BankBanks0.82%
33Oil & Natural Gas CorporationOil0.8%
34Divis LaboratoriesPharmaceuticals0.74%
35Adani PortsTransportation0.71%
36Dr Reddys Laboratories Pharmaceuticals0.67%
37HDFC LifeInsurance0.67%
38CiplaPharmaceuticals0.65%
39SBI LifeInsurance0.64%
40Bajaj AutoAuto0.63%
41Tata ConsumerConsumer Goods0.59%
42Britannia IndustriesConsumer Goods0.56%
43UPL Pesticides0.5%
44Coal IndiaMinerals/Mining0.49%
45Eicher MotorsAuto0.49%
46Bharat Petroleum CorporationPetroleum Products0.45%
47Hero MotoCorpAuto0.45%
48Shree CementCement Products0.43%
49Indian Oil CorporationPetroleum Products0.4%
50Bajaj FinanceFinance2.54%

अभी हम Nifty Meaning in Hindi लेख के माध्यम से समझते है कि निफ्टी में निवेश कैसे करे?

निफ्टी में निवेश कैसे करें?

1996 में निफ्टी की शुरुआत 1000 बेस वैल्यू के साथ हुई थी, और अभी वर्तमान में देख सकते है कि 18000 से भी ऊपर का हाई लगा चुका है। इससे आप समझ सकते है कि निफ्टी ने कितने अच्छे रिटर्न दिए है और वो भी कम रिस्क के साथ।  

आप भी जानते है कि निफ्टी आने वाले सालो में 20000 से भी ऊपर जाएगा, तो अगर आप भी निफ्टी में निवेश करना चाहते है। तो आप आप तीन तरह से निफ्टी में निवेश कर सकते है। 

  • निफ्टी में शामिल स्टॉक में निवेश कर 
  • इंडेक्स फंड 
  • एटीएफ 

#1 निफ्टी में शामिल स्टॉक में निवेश कर 

निफ्टी में निवेश करने का यह पहला तरीका है जिसे आप स्वयं कर सकते है, आपको उन सभी स्टॉक्स में उसी मात्रा में निवेश करना होगा, जो निफ्टी में शामिल स्टॉक्स है। वस् इसके लिए आपको अपना डीमेट & ट्रेडिंग खाता खोलना है और उन सभी  स्टॉक्स में निवेश करना है जो निफ्टी में शामिल है।  

फिर अगर निफ्टी ऊपर जाएगा तो आपके पोर्टफोलियो में प्रॉफिट दिखायेगा, वही दूसरी ओर अगर निफ्टी नीचे के ओर जाएगा, तो आपके पोर्टफोलियो में लॉस दिखायेगा। 

 

#2 इंडेक्स फंड 

यह एक तरह का म्यूचुअल फंड है जिसमें निफ्टी के सभी स्टॉक्स का एक पोर्टफोलियो बनाया जाता है, जो निफ्टी इंडेक्स में उतार-चढ़ाव ट्रैक करने के लिए बनाया जाता है जो व्यापक बाजार एक्सपोजर प्रदान करता है। 

अन्य म्यूचुअल फंडों के विपरीत, इंडेक्स फंड अधिक लागत प्रभावी होते हैं, और यह बेहतर विविधीकरण की पेशकश करते हैं, इसके साथ ही निवेशकों को अच्छा रिटर्न भी प्रदान करते हैं। निफ्टी इंडेक्स फंड में निवेश करके, आपका निवेश निफ्टी 50 इंडेक्स के सभी 50 स्टॉक में हो जाता है। 

हाल के वर्षों में निफ्टी इंडेक्स की वृद्धि ने निवेशकों को निफ्टी में सीधे या इंडेक्स फंड के माध्यम से निवेश करने के लिए आकर्षित किया है। इसलिए, निफ्टी किसी भी निवेशक के लिए एक लाभदायक निवेश साबित हुआ है। 

कुछ निफ्टी इंडेक्स फंड इस प्रकार है :

  • DSP Equal Nifty 50 Fund 
  • UTI Nifty Index Fund
  • ICICI Prudential Nifty Index 
  • Tata Index Fund Nifty

 

एटीएफ

निफ्टी में आप Nifty BeES एटीएफ माध्यम से भी निवेश कर सकते है। Nifty BeES एटीएफ में आप अपने ट्रेडिंग और डीमैट खाते के माध्यम से निवेश कर सकते हैं।

निफ्टी बीईएस में एकमुश्त या SIP निवेश योजना मार्ग के माध्यम से निवेश किया जा सकता है। एसआईपी निवेश के लिए, निवेशक एक तारीख चुनकर मासिक किस्त शुरू कर सकते हैं। SIP निवेश एक निवेशक को बाजार के हर स्तर पर निवेश करने का मौका प्रदान करता है।

 

निष्कर्ष 

निफ्टी समस्त शेयर मार्केट के प्रदर्शन को दर्शाता है, और हमें एक आईडिया देता है कि मार्केट केसा परफॉर्म कर रहा है। इसलिए अगर आप कम जोखिम के साथ लम्बी अवधि में अच्छा रिटर्न अर्जित करना चाहते है तो निफ्टी में निवेश आपके लिए बिल्कुल सही ऑप्शन है।  

हमें उम्मीद है कि आपको Nifty Meaning in Hindi लेख के माध्यम से निफ्टी के प्रत्येक पहलु को समझने में मदद मिली होगी, अगर फिर भी आपका कोई सबाल है तो आप हमें कमेंट कर सकते है और आप इस Nifty Meaning in Hindi लेख को ज्यादा से ज्यादा लोगो तक पहुंचाने में हमारी मदद करें।