हर एक निवेशक समय के साथ अमीर बनना चाहता है, हालांकि लॉन्गटर्म में निवेश करने बाले कुछ ही निवेशक अपने लक्ष्य तक पहुंच पाते है। लॉन्गटर्म के लिए निवेश करने का सबसे बेहतर तरीका है एसआईपी निवेश नीति को अपनाना। 
इसलिए आज हम SIP Meaning in Hindi लेख में समझेंगे कि एसआईपी क्या है, इसकी विशेषताऍ और यह कैसे काम करता है। 
ऐसे निवेशक जो एसआईपी के माध्यम से निवेश करते है वह प्रक्रिया के बीच में ही हार मान लेते है जिससे वह अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाते है।  
अगर आप लंबी अवधि के लिए निवेश कर अपने फाइनेंसियल लक्ष्यों तक पहुंचना चाहते है, तो आपको हमेशा इन 3 गुणों का पालन करना चाहिए:

  • Commitment
  • Discipline
  • Willingness

एक बार जब आप अपनी फाइनेंसियल जीवन में इन 3 मूल्यों का पालन करना शुरू कर देते हैं, तो आप देखेंगे कि आपका पैसा समय के साथ धीरे – धीरे बढ़ता जा रहा है। 
सबसे पहले हम SIP Meaning in Hindi में एसआईपी क्या है समझते है :
 

एसआईपी क्या है?

एसआईपी एक व्यवस्थित निवेश योजना है जिसे आमतौर पर एसआईपी के रूप में जाना जाता है, जहां आप अपने पसंदीदा म्यूचुअल फंड योजना में हर महीने निश्चित राशि का निवेश कर सकते है। एसआईपी के माध्यम से आपके बैंक खाते से हर महीने एक निश्चित राशि काट ली जाती है जिसे आपकी पसंद के म्यूचुअल फंड में निवेश किया जाता है, और यह प्रक्रिया प्रत्येक महीने चलती है जिससे धीरे – धीरे आपका निवेश बढ़ने लगता है और आपको एक अच्छी वेल्थ बना कर देता है।  
इक्विटी एसआईपी एक ऐसा साधन है निवशकों को व्यवस्थित तरीके से अपनी पसंद के शेयर्स, म्यूच्यूअल फंड आदि खरीदने में सक्षम बनाता है। 
इक्विटी एसआईपी निवेशकों को समय-समय पर मासिक भुगतान के माध्यम से शेयरों को व्यवस्थित रूप से खरीदने की अनुमति देता है। यह उन निवेशकों के लिए सबसे बेहतरीन बिकल्प है जो एकमुश्त निवेश किए बिना शेयरों में लंबी अवधि के निवेश करना पसंद करते हैं।

 

इक्विटी एसआईपी की विशेषताएं

इक्विटी एसआईपी की कुछ निम्नलिखित विशेषताएं है जो इस प्रकार है:

  • एसआईपी के जरिए बहुत कम पैसो के साथ निवेश की शुरुआत की जा सकती है। 
  • एसआईपी माध्यम से कोई भी आसानी से निवेश कर सकता है क्योकि यह प्रक्रिया बहुत सरल होती है। 
  • SIP में आप किसी भी समय अपनी SIP से बाहर निकल सकते है या रोक सकते है। 
  • एसआईपी के माध्यम से निवेश करना, स्टॉक में मुकाबले कम जोखिमभरा है। 
  • एसआईपी के माध्यम से आपका पैसा धीरे – धीरे एक बहुत बड़ी इन्वेस्टमेंट में बदल जाता है जो कि आपको बहुत अच्छा रिटर्न सकता है।

 

एसआईपी के प्रकार

एसआईपी के माध्यम से दो तरीके से निवेश किया जा सकता है:
राशि आधारित एसआईपी: इसकी गणना एसआईपी राशि को मार्केट प्राइस प्रति शेयर से विभाजित करके की जाती है। यह एक तरह का एसआईपी है जहां-निवेशक द्वारा तय की गई राशि को एक विशिष्ट समय अवधि के लिए निवेश किया जाता है। 
क्वांटिटी आधारित एसआईपी: यह एक ऐसा एसआईपी का प्रकार है जहां-निवेशक द्वारा तय की गई एक निश्चित समय अवधि के लिए निश्चित मात्रा में शेयर खरीदे जाते हैं।
 

एसआईपी कैसे काम करती है?

एसआईपी स्टॉक मार्केट में निवेश करने का एक आसान तरीका है। यह निवेशकों को व्यवस्थित तरीके से स्टॉक्स खरीदने की अनुमति देता है। जो निवेशक लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते है यह उनके लिए सबसे अच्छी निवेश रणनीति है क्योंकि यह आपको अनुशासित निवेश योजना के साथ धीरे – धीरे आपके निवेश को बढ़ाती है। 
एसआईपी किसी स्टॉक को हाई प्राइस पर खरीदने के जोखिम से बचने में भी मदद करता है, जिससे आप एक निवेशक के रूप में एक साथ पैसा लगाकर निवेश करने के बजाय धीरे – धीरे प्रति महीने अपना पैसा निवेश करते है। 
यह आदर्श रूप से लंबी अवधि के निवेशकों के लिए हैं, जो धीरे – धीरे उन्हें अमीरी के करीब लेकर जा सकता है। एक बात हमेशा ध्यान रखे कि स्टॉक का चुनाव हमेशा कंपनी के फंडामेंटल के आधार पर किया जाना चाहिए। 
अभी तक आप SIP Meaning in Hindi लेख में एसआईपी क्या है और एसआईपी कैसे काम करती है समझ गए होंगे, अभी हम समझते है कि एस आई पी में निवेश करने के क्या फायदे है:

 

एस आई पी के फायदे

एसआईपी के माध्यम से निवेश करने ये 4 फायदे हैं जो आपको लंबे समय में वेल्थ बनाने में मदद करेंगे:

1) छोटी राशि के साथ निवेश की शुरुआत 

एसआईपी के माध्यम से आप प्रत्येक महीने 500 रुपये की छोटी राशि के साथ निवेश शुरू कर सकते हैं और इसे धीरे – धीरे बढ़ते हुए देख सकते हैं। एक एसआईपी न केवल वेल्थ बनाकर देता है, बल्कि आपको अधिक बचत भी कराता है।
 

2) अनुशासित निवेश

स्टॉक एसआईपी करने का एक लाभ यह है कि यह आपको अनुशासित तरीके से निवेश करना सिखाता है। स्टॉक एसआईपी करने से आपको बार – बार निवेश करने की आदत से छुटकारा मिल जाएगा, क्योंकि हर महीने आपके बैंक खाते से आटोमेटिक रूप से एसआईपी कट जाएगी। 
इसके अलावा, बैंक में अपना सारा पैसा रखने से आपको ज्यादा से ज्यादा 4% तक रिटर्न मिल सकता है लेकिन इस पैसे से आप हर महीने शेयरों में एक छोटी राशि का निवेश कर सकते हैं और संभावित रूप से लंबे समय में अच्छे रिटर्न अर्जित कर सकते हैं।

3) स्टॉक मार्केट को समय देने की जरूरत नहीं

इसका तीसरा फायदा यह है कि आपको स्टॉक मार्केट की टाइमिंग के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है।
अगर आप खुद से स्टॉक मार्केट में निवेश करते है तो समय बहुत अहम् भूमिका निभाता है क्योंकि यदि आप किसी स्टॉक में निवेश करना चाहते है तो सही स्टॉक और सही समय पर निवेश करना होता है तभी आप रिटर्न की उम्मीद कर सकते है। 
लेकिन स्टॉक एसआईपी के साथ, यह समय की समस्या पूरी तरह से हल हो जाती है क्योंकि जब स्टॉक की प्राइस अपने शीर्ष पर होती है, तो आप कम क्वांटिटी खरीद रहे होते हैं, और मार्केट जब नीचे हो तो आप ज्यादा क्वांटिटी में खरीद रहे होते है जिससे आपको एक औसत प्राइस पर स्टॉक मिल जाते है। 
 

4) अधिक रिटर्न

एफडी या बैंक स्कीम की तुलना में , एसआईपी दोगुना रिटर्न प्रदान करता है। यह आपको बढ़ते इन्फ्लेशन से लड़ने में मदद करती है और लम्बी अवधि में आपको एक वेल्थ बना कर देती है। ऐसा देखा गया है कि औसतन एक म्यूच्यूअल फंड आपको 15 – 20% रिटर्न प्रदान करता है और कभी – कभी तो इससे भी ज्यादा होता है। 
 

5) कंपाउंडिंग की शक्ति

एसआईपी में निवेश चक्रवृद्धि ब्याज के सिद्धांत पर काम करता है। दूसरे शब्दों में, लंबे समय के लिए निवेश की गई छोटी राशि एकमुश्त निवेश की तुलना में बेहतर रिटर्न प्राप्त करती है।
अभी हम SIP Meaning in Hindi लेख में देख चुके है कि एसआईपी के क्या फायदे है, इसलिए अभी हम यह समझने की कोशिश करते है कि एसआईपी में निवेश कैसे करें?
 

एसआईपी में निवेश कैसे करें?

अपने निवेश लक्ष्य की पहचान करें:

सबसे पहले, आपको अपने फाइनेंसियल लक्ष्य की पहचान करनी चाहिए – चाहे वह अल्पकालिक, मध्यम अवधि या लंबी अवधि के लिए वेल्थ बनाना हो। फिर अपने लक्ष्य के अनुसार SIP के माध्यम से निवेश करना शुरू करें। याद रखें कि अगर आप लंबी अवधि के लिए एसआईपी से निवेश करते है तो आपको ज्यादा रिटर्न मिलेगा। 
 

सही म्यूचुअल फंड चुनें:

भारत में बहुत से म्यूच्यूअल फण्ड है इसलिए आपको वित्तीय लक्ष्यों के अनुरूप म्यूचुअल फंड को शॉर्टलिस्ट करना चाहिए, इसके लिए आप विभिन्न म्यूचुअल फंड की रिटर्न और जोखिम के आधार पर तुलना कर सकते है और एक सही म्यूचुअल फंड शॉर्टलिस्ट हो जाए तब आप उसमे एसआईपी के माध्यम से निवेश की शुरुआत कर सकते है। 
 

निवेश करना:

किसी भी म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले आपको उस म्यूचुअल फंड के बारे में अच्छे से रिसर्च कर लेनी चाहिए उसके बाद ही आपको एक सूचित निर्णय लेना चाहिए, एक बार जब आप सही म्यूचुअल फंड का चुनाव कर लेते है तो आप शुरुआती समय में छोटी राशि के एसआईपी के साथ शुरुआत कर सकते है। 
इस प्रकार, एसआईपी न्यूनतम निवेश और अधिकतम रिटर्न देने बाला एक जरिया बन जायेगा। इसलिए अभी SIP में निवेश करें और बाद में रिटर्न प्राप्त करें!
 

निष्कर्ष 

अगर आप कोई नौकरी करते है या निवेश की शुरुआत करना चाहते है एसआईपी आपके लिए सबसे बेहतर बिकल्प है। आप अपने पैसे को अगर एक साथ निवेश करते है तो उसमे बहुत जोखिम होता है, लेकिन अगर आप एसआईपी के माध्यम से निवेश करते है तो धीरे – धीरे आपकी बचत करने की आदत बनेगी और लम्बी अवधि में आपको यह एक अच्छी वेल्थ बना कर देगा। 
हमें उम्मीद है कि SIP Meaning in Hindi लेख के माध्यम से आपको एसआईपी को समझने में मदद मिली होगीम लेकिन फिर भी आपका कोई सबाल है तो आप नीचे कमेंट कर सकते है।