इक्विटी शेयर निवेशकों के बीच बहुत ही लोकप्रिय निवेश हैं। हमने पिछ्ले लेख में Equity Meaning in Hindi को समझा था और आज हम Equity Shares Meaning in Hindi को समझने जा रहे है। तो आप Equity Shares Meaning in Hindi लेख के प्रत्येक पहलु को समझना चाहते है तो अंत तक बने रहे।

इक्विटी शेयर कंपनी के अंश है इसलिए, इक्विटी शेयरधारकों को अपने हिस्से के मालिक के रूप में माना जाता है।

आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के माध्यम से पहली बार कोई कंपनी आम जनता को अपने इक्विटी शेयर जारी करती हैं। बह शेयर्स, स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होने पर, कोई भी निवेशक या ट्रेडर उन शेयर्स को खरीद या बेच सकता है। इस लेख में Meaning of Equity Shares in Hindi, उनकी विशेषताओं, जोकिम, इक्विटी के लाभ और प्रकारों के बारे में विस्तार से बताया गया है।

 

Equity Shares Meaning in Hindi

एक कंपनी अपने विस्तार या अपने कर्ज को चुकाने के उद्देश्य से पब्लिक के जरिए पूंजी जुटाने के लिए इक्विटी शेयर जारी करती है। फिर, कोई भी निवेशक उस कंपनी के इक्विटी शेयर्स खरीदकर एक शेयरहोल्डर या हिस्सेदार बन सकता है। 

कंपनी का आंशिक स्वामित्व पाने  के लिए निवेशक इक्विटी शेयरों को खरीद सकते हैं। इक्विटी शेयर खरीदकर, निवेशक कंपनी में अपना योगदान देंगे और इसके शेयरधारक बन जायेंगे।

इक्विटी शेयरधारक अपने द्वारा खरीदे गए शेयरों के अनुसार कंपनी के मालिक होते हैं। इक्विटी शेयर्स में निवेश के माध्यम से, निवेशकों को उच्च रिटर्न और डिबीडेंट प्राप्त होता है। इसके अलावा, इक्विटी शेयरधारकों को कंपनी के महत्वपूर्ण मामलों में मतदान करने का अधिकार भी प्राप्त होता हैं।

एक कंपनी के लिए इक्विटी शेयर जारी करने का प्रमुख्य उद्देश्य विस्तार और विकास के लिए धन जुटाना है। कंपनी इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) के माध्यम से आम जनता को इक्विटी शेयर जारी करती है। आईपीओ का पूरा प्रोसेस प्राथमिक बाजार(Primary Market) होता है। 

अगर मार्केट में कोई आईपीओ आया हुआ है और आपको उस कंपनी का व्यापार सही लगता है तो आप उस आईपीओ को सब्सक्राइब कर सकते हैं। आईपीओ सब्सक्राइब होने के बाद उन शेयर्स को स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किया जाता है जिसके बाद आप इन्हे आसानी से ट्रेड कर सकते हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) भारत में लोकप्रिय स्टॉक एक्सचेंज माने जाते हैं।

निवेशक के रुप में जैसे – जैसे कंपनी लाभ करेगी, आपका भी लाभ होगा। क्योंकि कंपनी के बढने के साथ – साथ आपके शेयर की कीमत भी बढती जायेगी। इसके साथ ही अधिकांश लार्ज-कैप और अच्छी कंपनियां अपने शेयरधारकों को डिवीडेंट और बोनस का भुगतान भी करती हैं।

शेयर मार्केट में जब अधिक लोग किसी कंपनी के शेयर्स खरीदते हैं, तो शेयर की कीमतें बढ़ती है। वहीं, अगर ज्यादा लोग किसी शेयर को बेच रहे हैं तो कीमतों में गिरावट आएगी।

इसलिए, जब किसी भी कंपनी के शेयर स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड करना शुरू करते हैं, तो डिमांड और सप्लाई शेयर प्राइस को निर्धारित करती है।

यदि किसी कंपनी की विकास संभावनाएं आशाजनक लग रही हैं, तो निवेशक उसमें निवेश कर अपने पैसे पर अच्छा रिटर्न अर्जित करना चाहते है। इसी तरह, अगर कोई कंपनी खराब प्रदर्शन कर रही है, तो निवेशक अपनी पोजिशन से बाहर निकलना चाहेंगे और अपनी होल्डिंग बेच देंगे।

अभी हम Equity Shares Meaning in Hindi को विस्तारपूर्वक समझ चुके है अभी हम इक्विटी कितने शेयर कितने प्रकार के होते है ये समझते है।  

 

इक्विटी शेयरों के प्रकार

विभिन्न प्रकार के इक्विटी शेयर होते हैं, जो इस प्रकार है: 

ऑर्डिनरी शेयर

ऑर्डिनरी शेयर बह शेयर होते हैं जिन्हें एक कंपनी लंबी अवधि के खर्चों को पूरा करने के लिए शेयर पूंजी उत्पन्न करने के उद्देश्य से जारी करती हैं। ऑर्डिनरी शेयर के माध्यम से निवेशकों को कंपनी का आंशिक स्वामित्व प्राप्त होता है। ऐसे अधिकांश शेयरों वाले निवेशकों के पास मतदान का अधिकार होता है।

प्रेफरेंस शेयर

प्रेफरेंस शेयर बह शेयर होते हैं जिन्हे सामान्य शेयरधारकों के मुकाबले कंपनी द्वारा जारी डिवीडेंट पहले प्राप्त होता है। इसके दूसरी ओर, प्रेफरेंस शेयर वाले शेयरधारकों के पास एक सामान्य शेयरधारक की तुलना में मतदान और सदस्यता अधिकारों की कमी होती है।

बोनस शेयर

बोनस शेयर भी एक तरह के इक्विटी शेयर्स होते हैं जो कंपनी अपनी कमाई से जारी करती है। दूसरे शब्दों में, एक कंपनी अपने मुनाफे को अपने शेयरहोल्डर्स के बीच बोनस इश्यू के रूप में वितरित करती है। हालांकि, किसी भी तरह से यह कंपनी के मार्केट कैपिटालाइलेशन में वृद्धि नहीं करता है, जैसे कि अन्य इक्विटी शेयर करते हैं।

राईट्स शेयर

राइट शेयर शेयर बह शेयर होते हैं जो हर किसी के लिए नहीं होते हैं। कंपनीयां इनको केवल विशिष्ट प्रीमियम निवेशकों के लिए जारी करती है। जो बदले में उस व्यवसाय में हिस्सेदारी बढ़ाएंगे। राइट्स इश्यू डिस्काउंट प्राइस पर किया जाता है। एक कंपनी एक विशिष्ट समय के लिए शेयरों की पेशकश करता है जब तक कि उस कंपनी के व्यय को पूरा करने के लिए आवश्यक फंड उत्पन्न न हो जाए।

अभी हम Equity Shares Meaning  in Hindi के साथ – साथ इक्विटी शेयर के प्रकार के वारे में भी पढ चुके है अभी इक्विटी शेयरों की विशेषताओं पर नजर डालते है। 

 

इक्विटी शेयरों की विशेषताएं

इक्विटी शेयरों की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:

पर्मानेंट शेयर: इक्विटी शेयर प्रकृति में स्थायी और नॉन – रिडीमेवल होते हैं। शेयर एक कंपनी के लिए स्थायी संपत्ति होती है। आप इन शेयरों को तब तक वापस नहीं कर सकते है जब तक बह कंपनी अपना कारोबार बंद करने का फैसला नहीं कर लेती है।

संभावित रूप से उच्च रिटर्न: इक्विटी शेयरों में शेयरधारकों को बेहतरीन रिटर्न देने की क्षमता होती है। हालांकि, ये जोखिम भरे भी होते हैं। दूसरे शब्दों में, इक्विटी शेयर बहुत ही वोलेटाइल होते हैं। शेयर की कीमतों में आंतरिक और बाहरी कारकों से भारी उतार-चढ़ाव हो सकता है। इसलिए, जोखिम सहनशीलता स्तर वाले निवेशकों को ही निवेश पर विचार करना चाहिए। 

डिवीडेंट: एक कंपनी अपने वार्षिक लाभ से अपने शेयरधारको को डिवीडेंट वितरित कर सकती है। हालांकि, एक कंपनी डिवीडेंट देने के लिए किसी भी तरह से बाध्य नहीं है। यदि एक कंपनी अच्छा मुनाफा नहीं कमा पाती है और उसके पास कैशफ्लो नहीं है, तो वह अपने शेयरधारकों को डिवीडेंट न देने का विकल्प चुन सकती है।

वोटिंग अधिकार: जिनके पास कंपनी के अधिकांश इक्विटी शेयर होते है उनके पास वोटिंग अधिकार होता हैं। एक कंपनी के लिए वोटिंग की जरुरत तब पढती है जब कंपनी किसी विपत्ति से गुजर रही हो या फिर कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेना हो। 

लिक्विडिटी: इक्विटी शेयर बहुत ही लिक्विड होते हैं। स्टॉक एक्सचेंजों पर आप आसानी से शेयरों को ट्रेड कर सकते है। नतीजतन, आप ट्रेडिंग सत्र के दौरान कभी भी किसी भी लिस्टेड कंपनी के शेयर खरीद और बेच सकते हैं। इसलिए, किसी को शेयरों के खरीद या बेचने के बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं है।

अभी तक हम Equity Shares Meaning in Hindi से संबधित विभिन्न पहलुओं से अवगत हो चुके है इसलिए अभी देखेते है कि आपको इक्विटी शेयरों में निवेश क्यों करना चाहिए?

 

आपको इक्विटी शेयरों में निवेश क्यों करना चाहिए?

इक्विटी शेयर बहुत ही लोकप्रिय हैं और यहां कुछ कारण बताए गए हैं कि आपको इक्विटी शेयरों में निवेश क्यों करना चाहिए –

उच्च जोखिम, उच्च लाभ

जैसा कि पहले वताया गया है कि इक्विटी शेयर में निवेश करना जोखिभरा हैं। लेकिन जितना अधिक जोखिम होगा, उसमें निवेश द्वारा दिए जाने वाले रिटर्न भी अधिक होगा। जब कोई कंपनी मुनाफा कमाती है, तो शेयरधारको को कंपनी की तरफ से डिवीडेंट के माध्यम से लाभ दिया जाता है।

आसान और कुशल

एक निवेशक,  स्टॉक ब्रोकर और शेयर मार्केट की वैशिक समझ के अनुसार योजना की मदद से इक्विटी मार्केट में निवेश कर सकता है। कोई भी निवेशक एक डीमैट खाते का उपयोग करके अपनी पसंद की किसी भी कंपनी में निवेश कर सकता हैं। एक डीमैट खाता खोलने के लिए क्लिक करे! 

मुद्रास्फीति(Inflation) के खिलाफ बचाव

इक्विटी मार्केट में निवेश करने से जो आपको लाभ होता है उससे आप मुद्रास्फीति के प्रकोप से बच सकते है।

साथ ही अपने निवेश पर एक अच्छा रिटर्न भी पा सकते है। 

पोर्टफोलियो विविधीकरण

जो लोग इक्विटी निवेश से जुड़े जोखिम से डरते हैं, वह निवेशक डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करना पसंद करते हैं क्योंकि वे बहुत ही कम अस्थिर होते हैं। लेकिन शेयर का प्रदर्शन डिमांड और सप्प्लाई पर निर्भर करता है। इसलिए, आपको किसी एक जगह पर अपना पैसा नही लगाना चाहिए। अपने पैसो को अलग – अलग सेक्टर की कंपनियों, बॉन्ड और कमोडिटी के साथ मिक्स करना चाहिए। जिससे कि आपका जोकिम कम हो सके। 

 

इक्विटी निवेश से जुड़े जोखिम क्या हैं?

आप इक्विटी शेयरों में निवेशकर हमेशा सकारात्मक रिटर्न की उम्मीद नहीं कर सकते है। कुछ कंपनियां आपको आपकी उम्मीद से भी ज्यादा बेहतर रिटर्न देती है वही दूसरी ओर, कुछ कंपनियों में निवेश किया गया आपका सारा पैसा खो सकते हैं। यहां तक ​​कि अगर यह आपका सारा पैसा नहीं भी खोता है, तो आपको बड़े नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। 

ये इक्विटी शेयरों में शामिल निवेश से जुड़े जोखिम हैं जिन्हें आपको अपनी निवेश की शुरुआत करने से पहले स्वीकार करना होगा। 

अभी तक हम Equity Shares Meaning in Hindi के प्रत्येक पहलु पर नजर डाल चुके है अभी हम देखते है कि इक्विटी शेयर कैसे खरीदें?

 

इक्विटी शेयर कैसे खरीदें?

अगर आप इक्विटी शेयर में निवेश करना चाहते है तो आपके आप एक डीमैट खाता होना चाहिए, क्योंकि जब भी आप किसी कंपनी के शेयर्स खरीदते है बह शेयर्स आपके डीमेट खाते में ही रखे जाते है। अभी आप इक्विटी शेयर में दो तरह से निवेश कर सकते है!

आईपीओ के द्वारा:- अगर किसी कंपनी ने आईपीओ जारी क्या है और आपको लगता कि आने बाले समय में यह कंपनी अच्छा रिटर्न दे सकती है तो आप उस कंपनी में आईपीओ के जरीए निवेश कर सकते है। 

शेयर मार्केट के द्वारा:- शेयर मार्केट में आप स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड किसी भी कंपनी के इक्विटी शेयर खरीद उसमें निवेश कर सकते है। और जब कोई कंपनी आईपीओ जारी करती है उसके बाद वह शेयर्स ट्रेड करने के लिए शेयर मार्केट में ही आते है तो अगर आपको आईपीओ में शेयर नही मिले है तो उन शेयरो को शेयर मार्केट में खरीद सकते है। 

 

निष्कर्ष 

इक्विटी में निवेश करना बहुत है, बशर्ते आप सही कंपनी में निवेश करे। इसके साथ ही Equity Shares Meaning in Hindi लेख का निष्कर्ष निकलता है कि इक्विटी शेयर कुछ और नही बल्कि शेयरधारको की कंपनी में हिस्सेदारी की एक इकाई है जिसे इक्विटी शेयर कहा जाता है। 

हमें उम्मीद है कि आप अभी Equity Shares Meaning in Hindi को बेहतर तरह से समझ गए है होंगे। Meaning of Equity Shares in Hindi से संबधित अगर आपका कोई सबाल है तो आप हमें कमेंट कर सकते है हमें आपकी सहायता करने में खुशी होगी।